डॉ.रामविलस शर्मा
डॉ. रामविलास शर्मा का जन्म 10 अक्टूबर 1912 को हुआ था। उन्होंने आलोचकों, कविता, साहित्य आदि को लिखना पसंद किया। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए और पी.एच.डी किया। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय में अपना करियर शुरू किया और बाद में निर्देशक के.एम संस्थान, आगरा बने। वे हिंदी साहित्य सम्मेलन के एक सत्र में प्रस्तुत सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' पर अपने विद्वतापूर्ण पत्र के साथ 1939 में आलोचक के रूप में सुर्खियों में आए। उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं भारतीय साहित्य की भौमिका, निराला की साहित्य साधना (3 खंड), प्रेमचंद और अंकल युगचार्य, रामचंद्र शुक्ल और हिंदी के साहित्यकार, भारतेन्दु हरिश्चंद्र और हिंदी के नवजागरण के समसामयिकी आदि।

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