Monday, 14 October 2019

वर्धा रेलवे स्टेशन की नई इमारत

नई इमारत
यह वर्धा शहर के रेलवे स्टेशन की नई इमारत है। इसे बनने में 2 साल का समय लगा है। इस इमारत में 8 काउंटर हैं जिसमे 4 आरक्षित काउंटर और 4 अनारक्षित काउंटर है। इसके खुलने से जनता को टिकट जल्दी मिल जाती है। पहले जैसे लंबी-लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ती है। 

कबीर एक कवि

कबीर
यह कबीर की मूर्ति है। वे 15वीं सदी के भारतीय  कवि और संत थे। वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक थे।वे हिन्दू धर्म व इस्लाम के आलोचक थे। उन्होंने सामाजिक अंधविश्वास की निंदा की और सामाजिक बुराइयों की सख़्त आलोचना की थी।

चिड़िया पेड़ के डाली पर बैठी

चिड़िया

चिड़िया छोटे से पेड़ पर बैठी हुई है। वो वहां से पूरे वातावरण को देख रही है। वहाँ का मौसम बहुत अनुकूल है जिसके कारण वह बहुत आराम से बैठकर उस मौसम को आनंद ले रही है। यह वातावरण ही ऐसा ही कि कोई भी इसकी तरफ आकर्षित हो जायेगा। हर जगह जहां एक समय था सूखा पड़ा था आज वही जगह हारा-भरा हो गया है।

दिवाली में दीप जलाना।

दीप 
दीप का सबसे जादा  प्रयोग दीवाली के समय होता। यह दीवाली में पूरे घर में जलाया जाता जिससे पूरे घर में रोशनी हो जाए। दीवाली का दिन बहुत शुभ होता है हिन्दू धर्म के लिए। कहा जाता है की" राम सीता को लंका से लेकर अपने महल में आये थे" और पूरे राज्य के हर कोने को रोशनी से रोशन कर दिया गया था।

संदेश देता ढलता हुआ सूरज

ढलता सूरज
यह ढलता हुआ सूरज बात रहा है कि अब मानव को दिन भर का काम करके घर लौटने का समय हो गया। अब उस  घर की तरफ चलो जहाँ आराम कर सको और  दिन भर की थकान को मिटा सकों। जिससे अगले दिन काम करनी की शक्ति मिल जाये। ऐ सूरज मैं तेरे इन इशारों को समझ गया हूँ।

वर्धा शहर की शांति

शांति
इस तरह शांति से सिर्फ आस-पास के पर्यावरण को देखना बहुत अच्छा लगता है। धीरे-धीरे बहती हवाओं को महसूस करके यह लगता कि जैसे यह स्वर्ग हो और यह हरियाली पूरे वातारण का रंग ही बदल देती है। कभी आप भी इस सुंदर दुनियां को समझने की कोशिश कीजिए। हर जगह अकेले में शांति से इस पर्यावरण का आनंद लिजिए।

गणेश चतुर्थी पर विश्वविद्यालय में गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई

गणेश चतुर्थी
इस साल महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई। गणेश चतुर्थी के अवसर पर। इसमें  कुलपति सर का बहुत सहयोग रहा। उन्होंने यह त्योहार को धूम-धाम से मनाने की अनुमति दी। इस वर्ष  गणेश चतुर्थी  बहुत  अच्छे से मनाया गया।  आंखरी दिन पूरे विश्वविद्यालय के लिए महाभोज की व्यवस्था भी की गई थी।

बाबूराव विष्णु पराड़कर मीडिया लैब

बाबूराव विष्णु पराड़कर मीडिया लैब

बाबूराव विष्णु पराड़कर मीडिया लैब यह जनसंचार विभाग का लैब है। जिसमें एक स्टूडियो, रिकॉर्डिंग रूम, एडिटिंग रूम और कंप्यूटर लैब है। यह सभी मीडिया के विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं है। इसमें सब विद्यार्थी अपने आपको एक मीडिया विद्यार्थी के रूप में तैयार करने के तैयार उपयोग करते हैं।

जनसंपर्क सिद्धान्त और व्यवहार- डॉ.तिवारी अर्जुन, तिवारी विमलेश

जनसम्पर्क के सिधान्त पर प्रकाश डालती पुस्तक
पुस्तक समीक्षा
'जनसंपर्क सिद्धान्त और व्यवहार' यह पुस्तक डॉ.अर्जुन तिवारी और विमलेश तिवारी द्वारा लिखी गई है। डॉ.अर्जुन तिवारी ने एम.ए, पी.एच.डी की है और विमलेश तिवारी ने एम.ए,एम.जे.एम.सी की है। मीडिया की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विधा जनसंपर्क है जिसके सिद्धान्त और व्यवहार पक्ष से सभी को परिचित होना चाहिए। प्रस्तुत पुस्तक में जनसंपर्क के सिद्धांत और व्यहारिक पक्ष पर बात की गई है। प्रस्तुत पुस्तक में 38 अध्याय हैं। यह अध्याय जनसंपर्क की अवधारणा, तत्व, सिद्धांत एवं कार्य, विज्ञापन तथा जनसंपर्क, प्रबंधन एवं जनसंपर्क, इवेंट मैनेजमेंट और जनसंपर्क, जनसंपर्क अधिकारी, मार्केटिंग और पी.आर, गृहपत्रिका, जनसंपर्क प्रविधि, जनसंपर्क एजेंसी, जनसंपर्क शोध, जनसंपर्क की आचार-संहिता आदि जैसे विषयों पर आधारित है। यह पुस्तक जनसंपर्क के हर पहलू पर बात की गयीं है। कॉर्पोरेट जनसपंर्क और उसके आंच संहिता पर भी बात की गई है। यह पुस्तक जनसंपर्क क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी है। 331 पृष्ठों की यह पुस्तक 2007 में विश्वविद्यालय प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। प्रस्तुत पुस्तक की कीमत 300 रुपये है।

Sunday, 13 October 2019

रेडियो प्रसारण की नयी तकनीक- डॉ. सिन्हा किशोर

रेडियो के प्रसारण तकनीक पर प्रकाश डालती पुस्तक
समीक्षा 
'रेडियो प्रसारण की नयी तकनीक' यह पुस्तक डॉ.किशोर सिंह द्वारा लिखी गई है। लेखक ने एम.ए और पी.एच.डी की है।रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में कई दृष्टि से अनोखा, अनुपम और चुनौतीपूर्ण है।इसके जरिये भोक्ता(प्रसारक) और उपभोक्ता(श्रोता) की दूरी मिट जाती है। प्रस्तुत पुस्तक में 6 अध्याय हैं। यह अध्याय रेडियो की प्रसारण परंपरा और विकास,रेडियो में लेखन का सिद्धांत, रेडियो प्रसारण की विशिष्ट विधाएं,विविध आयाम, और रेडियो प्रसारण की तकनीक आदि पर आधारित है। पहला अध्याय में रेडियो प्रसारण परंपरा और विकास पर चर्चा की गई, दूसरे अध्याय के लिए किसे लिखे इस पर चर्चा हुई, तीसरे में रेडियो प्रसारणकी विशिष्ट विधाओं पर प्रकाश डाला गया है, चौथे में रेडियो के विविध कार्यक्रमों पर, पांचवे  में प्रसिद्ध एफ.एम रेडियो बारे में विस्तृत चर्चा की गई और आखरी में प्रसारण तकनीक पर बात की गई है। 191पृष्ठों की यह पुस्तक प्रकाशन संस्थान से 2010 में प्रकाशित हुई है। प्रस्तुत पुस्तक की कीमत 300 रुपयें हैं।

Friday, 11 October 2019

भगत सिंह छात्रावास, महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा


भगत सिंह छात्रावास
यह एक बॉयज हॉस्टल है, जिसका नाम हमारे स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह पर रखा गया है। यह नाम स्वतंत्रता के प्रति उनके समर्पण को याद करने के लिए दिया गया है। इसी तरह से छात्रों को पढ़ाई में समर्पण करना होगा। हमारे अच्छे भविष्य के लिए एक प्रकार का संघर्ष काल।

Tuesday, 8 October 2019

संचार और मीडिया शोध- डॉ. गुप्ता विनीता

मीडिया में शोध कैसे किया जाए यह बतलाती यह पुस्तक
पुस्तक समीक्षा 
'संचार और मीडिया शोध' यह पुस्तक डॉ.विनीत गुप्ता द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक में शोध के विभिन्न आयामों पर विस्तार से बात की गयी है। प्रस्तुत पुस्तक    में कुल 11 अध्याय हैं। यह अध्याय निम्न विषयों पर आधारित हैं-शोध:अर्थ,अवधारणा और उद्देश्य,शोध-दृष्टि और विधियां,शोध उपकरण,आँकड़े,नमूना-विधि,शोध-प्रक्रिया,शोध में सांख्यकी,मीडिया-प्रभाव मापना,मीडिया शोध संस्थाएं,मीडिया शोध और पत्रकारिता,मीडिया शोध और नैतिकता। इस पुस्तक में मीडिया शोध से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई है।यह पुस्तक शोधार्थियों के लिए बहोत जड़ उपयोगी है। यह शोधार्थियों को शोध में दिशा दिखाने का काम करेगी। 139 पृष्ठों की यह पुस्तक वाणी प्रकाशन से 2015 में प्रकाशित हुई है।प्रस्तुत पुस्तक की किमत 200 रुपये हैं।

नया लैपटॉप

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लैपटाप
नया डेल लैपटॉप अमेज़ॅन शॉपिंग साइट से हमारे वरिष्ठ कुणाल सिंह खरीदा है। यह लैपटॉप बहुत अच्छा है। यह लैपटाप में विंडोज 10 है। यह लैपटाप उन्हें उनके अध्यान कार्य में मदत करेगा।

पंचधारा बांध, रिधोरा गाँव, वर्धा, महाराष्ट्र


पंचधारा बांध

पंचधारा बांध महाराष्ट्र के वर्धा जिले के सेलू तालुका में रिधोरा गाँव का एक बाँध है। यह बाँध विदर्भ क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण पानी से भरा हुआ है। इस इलाके के स्थानीय लोग उस पानी का आनंद ले रहे हैं जो बाँध के ऊपर गिर रहा है। इससे देख कर लग रहाई है की वर्धा में इस साल अच्छीबारिश हुई है।

Friday, 4 October 2019

प्रेस विधि- डॉ.त्रिखा नंदकिशोर


प्रेस के लिए नियम बताती यह पुस्तक 
पुस्तक समीक्षा
'प्रेस विधि' यह पुस्तक डॉ. नंदकिशोर त्रिखा द्वारा लिखी गई है। लेखक ने बी.ए,एम.ए,पी.एच.डी की है।प्रस्तुत पुस्तक में कुल 15 अध्याय हैं। यह अध्याय भारतीय संविधान और प्रेस, प्रेस और पुस्तक रेजिस्ट्रेशन अधिनियम 1867, शासकीय गुप्त अधिनियम 1923, मानहानि, न्यायालय की अवमानना, भारतीय दण्ड सहिंता 1860, प्रेस परिषद अधिनियम 1978, बाल अधिनियम आदि जैसे विषयों पर आधारित है। यह पुस्तक मीडिया जगत के सभी लोगों के लिए उपयोगी और विद्यार्थी के लिए मदतगार है। 326 पृष्ठों की यह पुस्तक विश्वविद्यालय प्रकाशन से 2004 में प्रकाशित हुई है।

मीडिया इंटरव्यू- पंकज विष्णु

इंटरव्यू  के बारे में बतलाती यह पुस्तक
पुस्तक समीक्षा 
'मीडिया इंटरव्यू' यह पुस्तक डॉ.विष्णु पंकज द्वारा लिखी है। लेखक शोधकर्ता,विचारक,समजसेवि हैं। प्रस्तुत पुस्तक में कुल 5 अध्याय हैं। इन अध्यायों में इंटरव्यू के स्वरूप, प्रकार, विकास, हिंदी साहित्य का इतिहास, शोधग्रंथों में इंटरव्यू-विधा, इस विधा में महिलाओं के योगदान आदि पर चर्चा भी की गईं है।यह सब लेखक, पत्रकार,मीडियाकर्मी,इंटरव्यूकारों, आलोचोकों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। 208 पृष्ठों की यह पुस्तक मंगलदीप पब्लिकेशन से 2004 में प्रकाशित हुई है। प्रस्तुत पुस्तक की कीमत 475 रुपये है।

Thursday, 3 October 2019

राजगुरु छात्रावास में महात्मा गांधी का 150 वां जन्मदिन मनाया


राजगुरु छात्रावास

यह महात्मा गांधी अंर्तराष्ट्रीय हिंदी विश्व विद्यालय का राजगुरु छात्रावास है। गांधीजी के 150 वें जन्मदिन के अवसर पर छात्रावास को प्रकाश से सजाया गया था।जिस तरह हम अपने घर को रोशनी से रोशन करते है उससी प्रकार अपनेहॉस्टल को भी रोशनी से रोशन किया।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं साइबर पत्रकारिता- कुमार राकेश

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं साइबर पत्रकारिता की जानकारी देती यह पुस्तक
पुस्तक समीक्षा
'इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं साइबर पत्रकारिता' यह पुस्तक राकेश कुमार द्वारा लिखी है। लेखक ने एम.ए इतिहास और पत्रकारिता एवं जनसंचार से डिप्लोमा किया है। प्रस्तुत पुस्तक में 19 अध्याय हैं। यह अध्याय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विभिन्न साधनों जैसे रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा के अतिरिक्त इंटरनेट में जैसे साइबर मीडिया का उद्भव, विकास एवं उनसे जुड़ी तकनीकी बारीकियों एवं शब्दावली आदि पर आधारित है। यह पुस्तक उन छात्रों के लिए अच्छी है जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपना करियर बनाना चाहते है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रति जिज्ञासा रखने वालों पाठकों के लिए उपयोगी है। 190 पृष्ठों की यह पुस्तक श्री नटराज प्रकाशन से 2009 में प्रकाशित हुई है। प्रस्तुत पुस्तक की किमत 350 रुपये है।

वर्धा रेलवे स्टेशन की नई इमारत

नई इमारत यह वर्धा शहर के रेलवे स्टेशन की नई इमारत है। इसे बनने में 2 साल का समय लगा है। इस इमारत में 8 काउंटर हैं जिसमे 4 आरक्षित काउंट...