पत्रकारीता के इतिहास को बतलाती पुस्तक
'हिंदी पत्रकारिता का इतिहास' इस पुस्तक की मीनाक्षी सिंह लेखिका है। यह पुस्तक भारत में पत्रकारिता की शुरुआत से स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद तक कि पत्रकारिता के बारे में बताया गया है। इस पुस्तक में कुल 13 अध्याय है । पहले अध्याय जो भारतीय पत्रकारिता का विकास नाम से है। इसमें भारत के पहले समाचार पत्र, विभिन्न काल के संपादक , प्रेस की भूमिका सन 1878,उद्देश्य, आदि जैसे मुद्दों पर बताया गया है। हिंदी पत्रकारिता के विभिन्न चरण नाम से दूसरे अध्याय में हिंदी का पहला समाचार पत्र, प्रमुख पत्रकार पर आधारित है। अध्याय 4 में आजादी के पहले समाचार पत्रों के उद्देश्य पर आधारित है।इस पुस्तक में सबसे प्रमुख अध्याय 5 जिसमें आजादी के दौरान पत्रकारिता की भूमिका बताई गई है। अध्याय 6 और 7 में हिंदी पत्रकारिता की चुनौतियां और हिंदी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप की बात की गई है। अध्याय 10 में टेलीविजन ने पत्रकारिता को जो नई दिशा दी यह बताया है। इसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल से पत्रकारिता ने विकास के तरफ एक कदम बढ़ाया। अध्याय 12 में पत्रकारों व प्रेस के लिए संगठन, अधिनियम,सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बात हुई है।इस पुस्तक में पूर्ण रूप पत्रकारिता से जुड़े हर पहलू पर बात की गई है। इस पुस्तक में बेहद सरल व सुगम भाषा इस्तमाल किया है। पत्रकारिता के इतिहास को जाने के लिए यह पुस्तक बहुत अच्छी है। ओमेगा पब्लिकेशन से 2009 में छपी यह पुस्तक की कीमत 600 रुपये है ।

No comments:
Post a Comment