विज्ञापन की जानकारी देती यह पुस्तक
पुस्तक समीक्षा
'विज्ञापन' यह पुस्तक अशोक महाजन द्वारा लिखी गयी है। अशोक महज ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन विज्ञापन व दृश्यश्रव्य प्रचार निदेशालय में अधिकारी के रूप में कार्य किया है। यह पुस्तक भारतीय पृष्ठभूमि में विज्ञापन के महत्व को बता रहे है। पुस्तक में कुल 14 अध्याय है। यह अध्याय निमानुसार है :-
'विज्ञापन' यह पुस्तक अशोक महाजन द्वारा लिखी गयी है। अशोक महज ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन विज्ञापन व दृश्यश्रव्य प्रचार निदेशालय में अधिकारी के रूप में कार्य किया है। यह पुस्तक भारतीय पृष्ठभूमि में विज्ञापन के महत्व को बता रहे है। पुस्तक में कुल 14 अध्याय है। यह अध्याय निमानुसार है :-
परिचय,परिभाषा, इतिहास, भारतीय विज्ञापनो व्यापार,मार्केटिंग, विज्ञापनों का वर्गीकरण, गवेषणा विज्ञापन , कानून और संहिताए, आलोचनाएं एवं विशेषताएं, विज्ञापन माध्यम, विज्ञापन एजेंसी, विज्ञापन बजट,विज्ञापन निर्माण,शेड्यूलिंग।
अध्याय 1 'परिचय' में विज्ञापन शब्द की उत्पत्ति, अर्थ को विस्तार से बताया है। अध्याय 2 'परिभाषा' में विज्ञापन की परिभाषा दी गयी है। अध्याय 3 'इतिहास' में विज्ञापन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताया है। अध्याय 4 'भारतीय विज्ञापन व्यापार' विज्ञापन को व्यापार के वृद्धि में सहाय किस प्रकार है इसपर विस्तार से बताया गया है। अध्याय 8 'विज्ञापन , कानून और संहिताएं' में विज्ञापन करते समय कुछ कानून और संहिताएं पर प्रकाश डाला गया है। अध्याय 10 'विज्ञापन माध्यम' में विज्ञापनों के लिए अलग - अलग माध्यमों पर विस्तार से चर्चा हुई है। अध्याय 12 'विज्ञापन बजट' अर्थात विज्ञापन बनाने में किन चीज़ों पर कितना खर्च आएगा इसपर चर्चा की गयी है। अध्याय 13 'विज्ञापन निर्माण' में विज्ञापन निर्माण प्रक्रिया पर विस्तार से बात हुई है।
विज्ञापन का इतिहास और व्यापार, विज्ञापनों का वर्गीकरण, विज्ञापन माध्यम, विज्ञापन बजट, विज्ञापन एजेंसी आदि विषयों पर लिखी गई यह पुस्तक जहाँ एक ओर जनसंपर्क और विपणन के क्षेत्र में हिंदी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के आवक्षकताओं को पूरा करेगी, वही दूसरे तरफ विज्ञापन - व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एक गाइड का काम करेगी यह पुस्तक। यह 251 पृष्ठों की पुस्तक हरियाणा साहित्य अकादमी 2010 छपी है। इसकी कीमत केवल 100 रुपये की यानी सभी आसानी से खरीद सकते है।

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