Monday, 14 October 2019

संदेश देता ढलता हुआ सूरज

ढलता सूरज
यह ढलता हुआ सूरज बात रहा है कि अब मानव को दिन भर का काम करके घर लौटने का समय हो गया। अब उस  घर की तरफ चलो जहाँ आराम कर सको और  दिन भर की थकान को मिटा सकों। जिससे अगले दिन काम करनी की शक्ति मिल जाये। ऐ सूरज मैं तेरे इन इशारों को समझ गया हूँ।

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