जनसम्पर्क के सिधान्त पर प्रकाश डालती पुस्तक
पुस्तक समीक्षा
'जनसंपर्क सिद्धान्त और व्यवहार' यह पुस्तक डॉ.अर्जुन तिवारी और विमलेश तिवारी द्वारा लिखी गई है। डॉ.अर्जुन तिवारी ने एम.ए, पी.एच.डी की है और विमलेश तिवारी ने एम.ए,एम.जे.एम.सी की है। मीडिया की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विधा जनसंपर्क है जिसके सिद्धान्त और व्यवहार पक्ष से सभी को परिचित होना चाहिए। प्रस्तुत पुस्तक में जनसंपर्क के सिद्धांत और व्यहारिक पक्ष पर बात की गई है। प्रस्तुत पुस्तक में 38 अध्याय हैं। यह अध्याय जनसंपर्क की अवधारणा, तत्व, सिद्धांत एवं कार्य, विज्ञापन तथा जनसंपर्क, प्रबंधन एवं जनसंपर्क, इवेंट मैनेजमेंट और जनसंपर्क, जनसंपर्क अधिकारी, मार्केटिंग और पी.आर, गृहपत्रिका, जनसंपर्क प्रविधि, जनसंपर्क एजेंसी, जनसंपर्क शोध, जनसंपर्क की आचार-संहिता आदि जैसे विषयों पर आधारित है। यह पुस्तक जनसंपर्क के हर पहलू पर बात की गयीं है। कॉर्पोरेट जनसपंर्क और उसके आंच संहिता पर भी बात की गई है। यह पुस्तक जनसंपर्क क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी है। 331 पृष्ठों की यह पुस्तक 2007 में विश्वविद्यालय प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। प्रस्तुत पुस्तक की कीमत 300 रुपये है।

No comments:
Post a Comment